हेलो मेरा नाम मनिंदर है और मैं पंजाब का रहने वाला हु. मैं इस सेक्स वेबसाइट का रेगुलर रीडर हु और मैंने बहुत सारी कहानिया यहाँ पर पड़ी है. मैंने सोचा, क्यों ना मैं भी अपनी एक स्टोरी यहाँ पर लिखू.. ये स्टोरी मेरे और मेरी चाची के बीच हुए सेक्स की है. जो मैं आज आप लोगो के साथ शेयर करने जा रहा हु. ये स्टोरी बिलकुल सच्ची है और अगर कोई गलती मुझ से हो जाए, तो मुझे माफ़ कर दीजियेगा प्लीज. उनका का नाम रानी है. यहाँ मैंने कुछ कारण ने उनका नाम चेंज कर दिया है. वो एक हाउसवाइफ है और मेरे चाचा एक गवर्नमेंट जॉब करते है. मेरी चाची का फिगर ३६ – ३२ – ३८ का है (ये मैंने बाद में चेक किया था) और वो ५.४ फिट की है. उनका रंग गोरा है और वो बहुत ही सेक्सी है.
अब मैं अपने बारे में बता दू कि मैं ६ फिट लम्बा हु और मेरा लंड ६ इंच लम्बा और ३ इंच मोटा है. मैं एकदम सच बोल रहा हु. आप यकीं मानिये. अगर कोई मुझसे चुदवाने के लिए उत्सुक है और तो वो मुझे बता सकता है. मुझपर सेक्स सेक्स का बूथ सवार है और मैं रोजाना ही मुठ मारता था. रोज कोई नया काम करने की सोचता और एक दिन मैं घर में अकेला था और मैं ब्लूफिल्म देख कर मुठ मार रहा था. फिर मेरा अपने कमरे में पड़े बिस्तर की तरफ ध्यान गया और मैंने मन में सोचा, कि कुछ नया क्यों ना किया जाए. मैंने अभी बिस्तर को ऊपर नीचे से जोड़ कर चूत का आकर बना दिया और उसने लंड डाला और एकदम मजे दार लगा और मैं जोर – जोर से चोदने लगा और मुझे पता ही नहीं चला, कि मैं कब झड गया और २ मिनट वैसे ही पड़ा रहा. जब मेरे लंड में जलन महसूस होने लगी, तो मैंने लंड को बिस्तर में से निकाला, तो देखा कि मेरा लंड एकदम से फुलकर लाल हो चूका था.
जब मैंने बिस्तर में देखा, तो मेरा सफ़ेद पानी बिस्तर में लगा था. तो मैंने जल्दी से कपड़े से बिस्तर को साफ़ कर दिया और मैंने अपने लंड को भी साफ़ किया. जब मैं थोड़ा सा लंड को टच करता, तो मुझे बहुत दर्द होने लगता. मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और दो दिन के बाद लंड मेरा ठीक हो पाया. जब मैं अपनी चाची के घर में गया, तो वो उस समय घर में नहीं थी. मैंने उनके बेटे से पूछा, कि वो कहाँ है? वो कहने लगा – वो खेतो में गयी हुई है. हम लोगो के गाँव में ज्यादातर लेडीज़ ही काम करती है. जब मैं खेत में गया, तो देखा – चाची खेत में नहीं थी. जब मैंने अच्छे से देखा, तो वो काम कर रही थी. अचानक से वो उठी और वो टट्टी करने आ गयी सरसों की फसल में. तो मैंने उसको पीछे से देखा छुप कर.. वो नीचे बैठी तो क्या बताऊ यारो… क्या मस्त गांड थी.. एकदम सफ़ेद… मोटी – मोटी और गोल – गोल. मैं देखता रहा और मैंने अपने नीचे देखा, तो मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था. मेरे पायजामे में तम्बू बन गया था. जब वो उठी तो पूरी नंगी गांड दिखी मुझे. जब वो चली गयी, तो वहां गया जहाँ पर वो टट्टी के लिए बैठी थी और मैंने वहां कर मुठ मारी. मैंने अपने पानी को उनकी टट्टी पर झाड़ दिया. फिर मैं खेतो से बाहर आया. तो वो तब तक घर वापस जा चुके थी.
मैंने घर आ कर अपने लंड पर तेल लगाया और फिर लंड तन गया और मैंने मेडिकल शॉप से कंडोम ले आया और फिर लंड पर चढ़ाया और एक पोलीथिन को बिस्तर में डाल दिया और थूक लगा कर उसको बिस्तर पर चोदने लगा. क्या बताऊ यार, मुझे कितना मज़ा मिल रहा था.. मैंने बिस्तर को पुरे आधा घंटा चोदा और फिर मैं झड़ गया. बहुत मज़ा आया (बॉयज एक बार जरुर ट्राई करे) और कुछ दिन तक ऐसे ही चला और एक दिन मैं ऐसे ही बिस्तर चोद रहा था, कि अचानक से चाची आ गयी कमरे में. मैं बिस्तर में लंड डाल कर उनके नाम लेकर चोद रहा था. मुझे नहीं पता था, कि चाची मुझे देख रही थी और मैं मजे से बिस्तर को चोद रहा था और फिर कुछ देर बाद मैं झड गया. वो देखती रही, कि मैं उनका नाम लेकर झड़ रहा हु. फिर मैंने अपने लंड को बिस्तर से निकाला और देखा कि मेरा कंडोम पूरी तरह से मेरे वीर्य से भर गया था. वो मुझसे बिना कुछ कहे वापस चली गयी और मुझे तो पता ही नहीं चला, कि वो कब आई और कब चली गयी. वो मेरे कमरे में आई थी और उन्होंने मुझे उनका नाम लेकर बिस्तर को चोदते हुए देखा था, ये मुझे बाद में पता चला. मैंने जल्दी से कंडोम उतारा और बाहर फेंक दिया. उसके बाद जब मैं चाची के घर पर गया, तो चाची मुझे गुस्से दे देख रही थी. मैं सोचने लगा, कि क्या बात हो गयी? फिर मैंने सोचा – कि घर में काम को लेकर कोई बात हो गयी होगी. मैं वापस चला आया. कुछ देर बाद चाची का बेटा वही कंडोम उठा कर साफ़ करके चाची से पूछता है (अपने माँ से) – मम्मी ये क्या है? मैं वहीँ था. चाची बोलने लगी – फेंक इसे, गन्दी चीज़ है ये. मैं वहां खड़ा हुआ सुन रहा था. मैंने भी मजाक में कह दिया.. फेक दे.. यूज़ किया हुआ गुब्बारा है.
मेरी बात सुन कर चाची का बेटा उसको फुलाने लगा और चाची ने उसको उस से छिन कर फेंक दिया. मैंने – क्यों फेंक दिया? वो गुस्से से देखने लगी और जब मैं जानबुझ कर ये पूछने लगा, तो वो कहने लगी – इतने भोले मत बनो. मैंने कहा – सच में. चाची मुझे नहीं पता. वो कहने लगी – मैंने सब देख लिया था. तू जो कर रहा था ना. अपने घर में, बिस्तर के साथ. तू कितना गन्दा है. मैं एकदम से हैरान हो गया और कुछ बोल नहीं पा रहा था. मैंने सोरी बोला. वो कहने लगी, तू मेरा नाम बार – बार क्यों ले रहा था. मैं कुछ नहीं बोला. चाची ने कहा – तेरी मम्मी को बताना पड़ेगा. मैं रोने लगा और कहने लगा, कि मैंने चूत नहीं देखी है ना.. मुझे सेक्स का बहुत शौक है.. प्लीज चाची एक बार चूत दे दो ना.. प्लीज चाची.. प्लीज प्लीज से दो ना… वो कहने लगी – अब तो मैं तुम्हारी माँ को जरुर बताउंगी. मैं भीग मांगने लगा, चूत तो मिल ही नहीं रही थी ना.
फिर कुछ दिन बीत गये और मैं मुठ मार रहा था. तो चाची आई मेरे पास और कहने लगी, तू ऐसे नहीं मानेगा. तो चाची को मैंने कहा – तुम एक बार मुझे चूत दे दो. मैं ये सब छोड़ दूंगा. और मैं एकदम से उठ कर खड़ा हो गया. वो मेरे लंड को बार – बार घुर रही थी और सोचने लगी. मैंने फिर उनके मम्मे एक हाथ से पकड़ लिए और वो कहने लगी – ये क्या कर रहे हो? मैंने कहा – प्लीज चाची .. वो हट कर पीछे होने लगी. मैंने उनको पकड़ लिया और अपने लंड पर उनका हाथ लगवा दिया. उन्होंने हाथ पीछे हटा दिया और मैंने चाची की चूत पर हाथ रख दिए और उसको मसलने लगा. चाची अपने आप को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सब बेकार था. मैंने उनके बूब्स के दानो को मसलना शुरू कर दिया था और चूत को. वो धीरे – धीरे गरम होने लगी और वो भी अब मेरा साथ देने लगी थी. मैंने उनको बेड पर लिटा दिया और उन्होंने सलवार सूट पहना हुआ था. मैंने पहले उनका सूट उतार दिया और सीधे बूब्स के दर्शन हुए. चाची ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी. मैं उन पर टूट पड़ा और उनके बूब्स पर.. वो अहः अहहाह अहहाह ऊओअओअओअ करके चिला रही थी. मैंने धीरे – धीरे चाची की सलवार उतार दी और चाची ने जल्दी से पेंटी भी उतार दी.
फिर मैं चूत को टच किया. पहली बार किसी चूत को टच किया था और मैं लिप किस करने लगा था. उन्हें किस नहीं करना आता था अच्छी तरह से. फिर मैं नीचे गया और मैं उनके पेट को किस करने लगा. फिर मैं नीचे और गया और उनकी चूत पर अपनी जुबान लगाई, तो वो कहने लगी – ये क्या कर रहे हो? ये गन्दी होती है. तो मैने कहा – चाची ये क्या आप पहली बार कर रही हो? वोकहने लगी – आज तक तुम्हारे चाचा ने नहीं चाटी है. तुम क्यों चाट रहे हो? मैंने कहा –आप देखती जाओ. कितना मज़ा दूंगा, कि याद रखूंगी. फिर मैं उनकी चूत को चाटने लगा. वो कहने लगी और मेरे सर को अपनी चूत में दबाने लगी अपने हाथो से. फिर मैंने अपनी एक ऊँगली डाल दी और आगे – पीछे करने लगा. कुछ देर बाद वो कांपने लगी और मेरे मुह में ही झड़ गयी. मैंने उनका सारा का सारा पानी पी लिया और वो बहुत खुश थी और कहने लगी – क्या बात है!
फिर मैंने कहा – चाची मेरा लंड मुह में डालो. वो नहीं मानी. फिर मैंने उनकी टाँगे अपने कधो पर रख ली. फिर अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा. चाची कहने लगी, जल्दी डालो… मैं लंड पर थूक लगाया और चूत पर टिका कर धक्का लगाया. तो मेरा लंड फिसल गया और फिर उन्होंने अपने हाथो से मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत के निशाने पर रखा और मैंने फिर धीरे से धक्का लगाया. तो मेरा लंड आधा गया चला गया. चाची अहः अहहाह अहहाह करने लगी. फिर मैंने जोर से एक और धक्का मारा और मेरा सारा लंड अन्दर चला गया. फिर मैंने उन्हें चोदना शुरू कर दिया और कुछ देर बाद हाहाहा अहहाह अहहाह अहहाह निकलने लगी.
चाची की कामुक सिसकियो के बीच मैं उनकी चूत में महसूस किया, कि वो झड़ चुकी थी. फिर मैंने उन्हें और भी जोर से चोदना शुरू कर दिया. मेरा भी निकलने वाला था और मैंने बोला – रानी बोलो, कहाँ निकालना है? वो बोली – अन्दर ही निकाल दो. फिर मैंने अपने लंड को जोर – जोर से अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. उनके मुह से कामुक सिस्कारिया निकल रही थी आहाहा अहः अहहाह ऊहोहोह ऊऊओ अहहहः… मेरे लंड बहुत जोर से उनकी चुदाई कर रहा था और बहुत तेजी से अन्दर बाहर जा रहा था. कुछ देर जोरदार चुदाई करने के बाद, मैं उनकी चूत में ही झड़ गया. फिर हम कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे और फिर हमने साफ़ किया और हमने कपड़े पहने और फिर मैं कहा – आओ चाची कुछ दिखा दू. मैंने अपना पीसी ओन किया और चाची को ब्लूफिल्म दिखाने लगा. चाची बड़े ही गौर से ब्लूफिल्म देख रही थी और जिस तरीके से वो दो किस कर रहे थे. चाची हसने लगी. मैंने हर विडियो दिखाए सेक्स के चाची को और हर पिक जो भी मेरे पीसी में थी. चाची फिर से गरम हो गयी और हमने जल्दी से कपड़े उतारे और मैंने उनको लंड चूसने को बोला.
इस बार वो मान गयी और जब चाची ने इस बार मेरे लंड को अपने मुह में रखा, तो मुझे लगा कि मैं जन्नत में पहुच गया हु. क्या मस्त चूस रही थी बिलकुल लालीपॉप की तरह. क्या बताऊ यारो… कितना मज़ा आ रहा था. वो मेरे लंड को चूस रही थी. फिर मैंने उसकी गांड को मसलना शुरू कर दिया. मैं चाची के चुतड को चूमने लगा. वो बोलने लगी.. गांड नहीं चाटोगे? मैंने कहा नहीं. फिर मैं नीचे लेट गया और उनको मैंने अपने ऊपर आने को कहा. गांड के होल में मैंने अपने लंड को लगाया और चाची ने धीरे – धीरे मेरे लंड के ऊपर होकर नीचे बैठने लगी. मेरा लंड मोटा होने की वजह से अन्दर नहीं जा रहा था. बार – बार साइड में फिसल गया था. मैंने फिर से ट्राई किया और इस बार लंड चला गया (चाचा भी कभी – कभी लंड चाची की गांड में डालते थे).
फिर कुछ देर बाद, मैं झड़ गया और फिर मैं चूत की तरफ बढ़ा. इतने में चाची के बच्चे आ गया और हमने अपना सेक्स बीच में ही छोड़ना पड़ा. तो दोस्तों, आप सब को मेरी कहानी कैसी लगी.. आप कमेंट से जरुर बताना…
मै उमेश हू ऑर पंजाब का रहने वाला हू. मेरी उमर 20 साल है और हाईट 6 फुट है. जीम जाता हू तो हेल्दी बॉडी है. लंड 6.5 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है. तो अब सीधा कहानी पर आता हू !! ये कहानी मेरी और मेरी बुआ की है. मेरी बुआ की फिगर 36 30 38 है. उनकी उमर 39 साल है. वो अक्सर मेरे घर आया करती थी. मेरी उनपर कभी गंदी नजर नही थी लेकिन. गर्मी की मेरी छुट्टीया चल रही थी. मै घर पर ही रहता था. एक दिन बुआ अचानक मेरे घर आयी. मै बहुत खुश हुआ था. उन्होंने लाल रंग का सुट पहने था जो कि बहुत टाईट था. उनके चुचे बाहर आने को तडप रहे थे. उनकी बडी गांड तो क्या बताऊ दोस्तों ! देख के पागल सा हो गया! क्या गांड थी … बहुत मोटी और जब वो चलती तब उनके बुब्स और गांड उपर निचे उछलती. मेरा तो देख के लंड ही खडा हो गया !!
अगले दिन बुआ मेरे कमरे मे सफाई करने आई लेकिन मै सो रहा था. मै अक्सर अंडरवेअर या शॉर्ट मे ही सोता हू ! जैसे ही बुआ मेरे कमरे मे आई तो मेरी निंद खूल गई लेकिन मै सोने का नाटक करता रहा. मैने देखा बुआ झूक झूक के झाडु लगा रही थी. उनके गोरे गोरे और बडे बडे चूचे मूझे साफ दिख रहे थे! बुआ के चुचे उनकी कुर्ती मे झुल रहे थे ये देख कर मेरा लंड खडा हो गया !! मै चाह कर भी कुछ नही कर सकता था ! फिर अचानक बुआ की नजर मेरे खडे लंड पर पडी. वो मेरे करीब आई और मेरे लंड को सहलाने लगी और सहलाने के साथ सिसका भी रही थी. मेरे अंदर तो मानो लड्डू फुट रहे थे. मेरा मन उनको पडककर चोदने को किया लेकिन मैने हलकी सी हरकत की और बुआ घबराकर चली गई ! मै समझ गया की वो चुदने को बेताब है. शाम हुई तो मै बुआ को ढूंढने लगा. वो बालकनी पर खडी थी उनकी पीठ मेरी तरफ थी. उनकी मोटी गांड को देख के मै पागल सा हो गया. क्या मोटी गांड थी कोई भी उनकी फिगर को देख के मुठ मार देगा !!
मेरा भी लंड खडा हो गया !! और मै उनकी ओर पीछे से बढा और चौकाने के लिये कंधे पर हात रख दिया!! वो डर कर पिछे हुई तो उनकी गांड मेरे लंड से टकरा गई. मेरे लोहे जैसे लंड से टकराकर उनकी चिख निकल गई… मै तो खुश हो गया. वो बिना कुछ बोले अपने रूम मे चली गई. अगली शाम घर मे बुआ और सिर्फ मै था. मै उन्हे सोचके मुठ मारने बाथरूम गया लेकिन दरवाजा बंद करना भूल गया. बुआ अचानक बाथरूम मे घूस गई. मुझे मुठ मारते देख वो हैरान हो गई. और वही खडी हो गई. मैने अपना लंड जिन्स के अंदर डाल दिया. और बुआ को कहा सॉरी बुआ एैसा आईंदा नही होगा. प्लीज किसी को बताना मत आप जो बोलोगी मै करने को तैय्यार हु !!! बुआ ने कहा फिर जैसे मै कहुंगी तुम करोगे ?? मैने हॉं कर दी !! बुआ ने बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया और मुझे कहा जिन्स उतार दो !! मुझे बहुत शरम आयी.
मैने कहा बुआ मै ऐसे नही कर सकता. बुआ ने कहा उतारो वरना मै सबको बता दुंगी. मैने अपनी जिन्स उतार दी. बुआ मेरे पास आयी और मेरी अंडरवेअर पर हात फेरने लगी. मैने कहा बुआ नही ये क्या कर रहे हो!! फिर उन्होने मुझे किस करना शुरू किया. मेरा भी मुड बनना शुरू हो गया और लंड भी खडा हो गया !!! बुआ मुझे किस कर रही थी. उनकी जीभ मेरी जीभ से टकरा रही थी. किस करते करते मैने उनके बाल पकड लिये और उनके होठों का रस चूसने लगा. वो साथ साथ मेरे लंड को सहला रही थी. बुआ फिर अपने मुह से मेरी शर्ट की बटन खोलने शुरू कीया !! उनकी गरम सासे मुझे और गरम कर रही थी और उनके होठ मेरी छाती को छू रहे थे. मैने भी उनके चूचे प्रेस की और मसलने लगा !! इतने बडे चूचे और मूलायम की मेरे हाथ मे समा नही रहे थे. मै बुआ के गोरे गोर चूचो को मसल रहा था. वो सिसकिया लेने लगी. आहहहहहह उफफफफ उममममम मममम अममम मम
मैने उनकी कुर्ती मे हाथ डाल दिया चुचों को और जोस से मसलने लगा !!बुआ पूरी तरह गरम हो चुकी थी ! उन्होने मेरा लंड पकडा और मुह मे ले लिया. वो घुटनो पे बैठके मेरे लंड को पूरा अंदर तक लेने की कोशीश कर रही थी. मै उनका सर पकडकर लंड आगे पिछे करने लगा. बुआ अममम अममम अममम करने लगी. मै अब गरम हो गया था. मैने उनकी कुर्ती उतार दि. क्या बताऊ दोस्तो. उनका गोरा बदन और बडे बडे कडक चूचे देख के मजा आ गया. अब वो मेरे सामने नंगी खडी थी. मैने उनकी कमर पकडी और अपने तरफ खिंचा. उनके चुचे मेरी छाती से दब रहे थे. मै उन्हे किस करने लगा और साथ ही साथ पिठ पे हाथ घुमा रहा था.
5-7 मिनट किस करने के बाद उन्होने अपनी सलवार उतार दी. उन्होंने पॅन्टी पहन रखी थी. मै उनकी गुलाबी चूत देखते रह गया. मुझसे रहा नही गया. मैने उन्हे दिवास टिकाया और शॉवर चला दिया. पानी की बुंदे उनकी चिकनी पिठ और झुलते चुचों से टपक रही थी.
यह देखकर मेरा लंड फटने को आ गया. मैने उनकी चुत पर हाथ मारा ताकी उनकी चुत और टाईट हो जाये. फिर मैने अपना मोटा लंड उनकी चुत पर रखा तो बुआ बोली मनिष और मत तडपाओ. मैने एक झटके मे आधा लंड अंदर दिया तो चिख पडी अहहहह मनिष हहूह. एक और झटके मे लंड पूरा अंदर दे दिया. वो दर्द से चिल्ला रही थी. मुझसे और रहा नही गया और पागलो की तरह बुआ को पीठ पकड कर चोदने लगा. बुआ बोलती रही धीरे धीरे. पर मै नही रूका और जोर से झटके मारते रहा. बुआ अहहहह आहहहह आहहहह मै मर गई … आहहहह…. आहहह….. अह….. उफ….. उफ अममम चिल्लाती रही… फिर मैने अपने लंड पे क्रिम लगाई और बुआ के गांड मे लंड पेल दिया. बुआ के आसू आये और आ आहह मनिष धीरे से अमम बोलती रही. मैने धक्के मारने चालू रखे. उनके लटकते गोरे गोरे चुचों को पकड लिया और चोदने लगा. मैने बुआ की गांड मार मार कर लाल कर दी.
अब हम दोनो झड रहे थे. बुआ ने मुझे लंबी किस की और कहा अब हम हमेशा सेक्स किया करेंगे. फिर मैने नहाते नहाते उनके चुचे चुसे और किस किया. बुआ से दो दिन तक चला नही गया. क्योंकि मैने उनकी गांड बहुत जोर से और बहुत देर तक मारी. उम्मीद करता हु आपको मेरी कहानी बहुत अच्छी लगी होगी
मेरी बुआ की हॉट गांड में लंड दिया मैंने
मेरी बुआ की हॉट गांड
Bua ko nanga kar ke gaand mari
मै उमेश हू ऑर पंजाब का रहने वाला हू. मेरी उमर 20 साल है और हाईट 6 फुट है. जीम जाता हू तो हेल्दी बॉडी है. लंड 6.5 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है. तो अब सीधा कहानी पर आता हू !! ये कहानी मेरी और मेरी बुआ की है. मेरी बुआ की फिगर 36 30 38 है. उनकी उमर 39 साल है. वो अक्सर मेरे घर आया करती थी. मेरी उनपर कभी गंदी नजर नही थी लेकिन. गर्मी की मेरी छुट्टीया चल रही थी. मै घर पर ही रहता था. एक दिन बुआ अचानक मेरे घर आयी. मै बहुत खुश हुआ था. उन्होंने लाल रंग का सुट पहने था जो कि बहुत टाईट था. उनके चुचे बाहर आने को तडप रहे थे. उनकी बडी गांड तो क्या बताऊ दोस्तों ! देख के पागल सा हो गया! क्या गांड थी … बहुत मोटी और जब वो चलती तब उनके बुब्स और गांड उपर निचे उछलती. मेरा तो देख के लंड ही खडा हो गया !!
अगले दिन बुआ मेरे कमरे मे सफाई करने आई लेकिन मै सो रहा था. मै अक्सर अंडरवेअर या शॉर्ट मे ही सोता हू ! जैसे ही बुआ मेरे कमरे मे आई तो मेरी निंद खूल गई लेकिन मै सोने का नाटक करता रहा. मैने देखा बुआ झूक झूक के झाडु लगा रही थी. उनके गोरे गोरे और बडे बडे चूचे मूझे साफ दिख रहे थे! बुआ के चुचे उनकी कुर्ती मे झुल रहे थे ये देख कर मेरा लंड खडा हो गया !! मै चाह कर भी कुछ नही कर सकता था ! फिर अचानक बुआ की नजर मेरे खडे लंड पर पडी. वो मेरे करीब आई और मेरे लंड को सहलाने लगी और सहलाने के साथ सिसका भी रही थी. मेरे अंदर तो मानो लड्डू फुट रहे थे. मेरा मन उनको पडककर चोदने को किया लेकिन मैने हलकी सी हरकत की और बुआ घबराकर चली गई ! मै समझ गया की वो चुदने को बेताब है. शाम हुई तो मै बुआ को ढूंढने लगा. वो बालकनी पर खडी थी उनकी पीठ मेरी तरफ थी. उनकी मोटी गांड को देख के मै पागल सा हो गया. क्या मोटी गांड थी कोई भी उनकी फिगर को देख के मुठ मार देगा !!
मेरा भी लंड खडा हो गया !! और मै उनकी ओर पीछे से बढा और चौकाने के लिये कंधे पर हात रख दिया!! वो डर कर पिछे हुई तो उनकी गांड मेरे लंड से टकरा गई. मेरे लोहे जैसे लंड से टकराकर उनकी चिख निकल गई… मै तो खुश हो गया. वो बिना कुछ बोले अपने रूम मे चली गई. अगली शाम घर मे बुआ और सिर्फ मै था. मै उन्हे सोचके मुठ मारने बाथरूम गया लेकिन दरवाजा बंद करना भूल गया. बुआ अचानक बाथरूम मे घूस गई. मुझे मुठ मारते देख वो हैरान हो गई. और वही खडी हो गई. मैने अपना लंड जिन्स के अंदर डाल दिया. और बुआ को कहा सॉरी बुआ एैसा आईंदा नही होगा. प्लीज किसी को बताना मत आप जो बोलोगी मै करने को तैय्यार हु !!! बुआ ने कहा फिर जैसे मै कहुंगी तुम करोगे ?? मैने हॉं कर दी !! बुआ ने बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया और मुझे कहा जिन्स उतार दो !! मुझे बहुत शरम आयी.
मैने कहा बुआ मै ऐसे नही कर सकता. बुआ ने कहा उतारो वरना मै सबको बता दुंगी. मैने अपनी जिन्स उतार दी. बुआ मेरे पास आयी और मेरी अंडरवेअर पर हात फेरने लगी. मैने कहा बुआ नही ये क्या कर रहे हो!! फिर उन्होने मुझे किस करना शुरू किया. मेरा भी मुड बनना शुरू हो गया और लंड भी खडा हो गया !!! बुआ मुझे किस कर रही थी. उनकी जीभ मेरी जीभ से टकरा रही थी. किस करते करते मैने उनके बाल पकड लिये और उनके होठों का रस चूसने लगा. वो साथ साथ मेरे लंड को सहला रही थी. बुआ फिर अपने मुह से मेरी शर्ट की बटन खोलने शुरू कीया !! उनकी गरम सासे मुझे और गरम कर रही थी और उनके होठ मेरी छाती को छू रहे थे. मैने भी उनके चूचे प्रेस की और मसलने लगा !! इतने बडे चूचे और मूलायम की मेरे हाथ मे समा नही रहे थे. मै बुआ के गोरे गोर चूचो को मसल रहा था. वो सिसकिया लेने लगी. आहहहहहह उफफफफ उममममम मममम अममम मम
मैने उनकी कुर्ती मे हाथ डाल दिया चुचों को और जोस से मसलने लगा !!बुआ पूरी तरह गरम हो चुकी थी ! उन्होने मेरा लंड पकडा और मुह मे ले लिया. वो घुटनो पे बैठके मेरे लंड को पूरा अंदर तक लेने की कोशीश कर रही थी. मै उनका सर पकडकर लंड आगे पिछे करने लगा. बुआ अममम अममम अममम करने लगी. मै अब गरम हो गया था. मैने उनकी कुर्ती उतार दि. क्या बताऊ दोस्तो. उनका गोरा बदन और बडे बडे कडक चूचे देख के मजा आ गया. अब वो मेरे सामने नंगी खडी थी. मैने उनकी कमर पकडी और अपने तरफ खिंचा. उनके चुचे मेरी छाती से दब रहे थे. मै उन्हे किस करने लगा और साथ ही साथ पिठ पे हाथ घुमा रहा था.
5-7 मिनट किस करने के बाद उन्होने अपनी सलवार उतार दी. उन्होंने पॅन्टी पहन रखी थी. मै उनकी गुलाबी चूत देखते रह गया. मुझसे रहा नही गया. मैने उन्हे दिवास टिकाया और शॉवर चला दिया. पानी की बुंदे उनकी चिकनी पिठ और झुलते चुचों से टपक रही थी.
यह देखकर मेरा लंड फटने को आ गया. मैने उनकी चुत पर हाथ मारा ताकी उनकी चुत और टाईट हो जाये. फिर मैने अपना मोटा लंड उनकी चुत पर रखा तो बुआ बोली मनिष और मत तडपाओ. मैने एक झटके मे आधा लंड अंदर दिया तो चिख पडी अहहहह मनिष हहूह. एक और झटके मे लंड पूरा अंदर दे दिया. वो दर्द से चिल्ला रही थी. मुझसे और रहा नही गया और पागलो की तरह बुआ को पीठ पकड कर चोदने लगा. बुआ बोलती रही धीरे धीरे. पर मै नही रूका और जोर से झटके मारते रहा. बुआ अहहहह आहहहह आहहहह मै मर गई … आहहहह…. आहहह….. अह….. उफ….. उफ अममम चिल्लाती रही… फिर मैने अपने लंड पे क्रिम लगाई और बुआ के गांड मे लंड पेल दिया. बुआ के आसू आये और आ आहह मनिष धीरे से अमम बोलती रही. मैने धक्के मारने चालू रखे. उनके लटकते गोरे गोरे चुचों को पकड लिया और चोदने लगा. मैने बुआ की गांड मार मार कर लाल कर दी.
अब हम दोनो झड रहे थे. बुआ ने मुझे लंबी किस की और कहा अब हम हमेशा सेक्स किया करेंगे. फिर मैने नहाते नहाते उनके चुचे चुसे और किस किया. बुआ से दो दिन तक चला नही गया. क्योंकि मैने उनकी गांड बहुत जोर से और बहुत देर तक मारी. उम्मीद करता हु आपको मेरी कहानी बहुत अच्छी लगी होगी.
मेरा नाम कृष्ण है, मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं आपके साथ अपनी एक सच्ची कहानी शेयर करना चाहता हूँ।
यह कहानी तब की है जब मैं बारहवीं क्लास में पढ़ता था, मेरे भाई की शादी को तीन साल हो चुके थे।
अपनी भाभी का सारा काम घर का भी, बाहर का भी मैं ही करता था।
तब तक मुझे सेक्स के बारे में कुछ नहीं पता था।
एक दिन मेरा एक दोस्त क्लास में सेक्स स्टोरी की बुक लेकर आया। खाली पीरियड में हम दोनों वो सेक्स स्टोरी वाली बुक पढ़ने लगे। मैंने उससे वो किताब घर के लिए देने को कहा तो वो मान गया।
मैंने घर आकर वो बुक पढ़ी तो बुक पड़ने के बाद मुझे सेक्स के बारे में पता लगा।
उस दिन के बाद से मैं अपनी भाभी को अलग नज़र से देखने लगा।
उस समय ठंड के दिन थे तो मैं अपनी भाभी के साथ रज़ाई में बैठ कर टीवी देख रहा था तो मैंने भाभी से कहा- भाभी मुझे एक चीज़ देखनी है।
तो वो बोली- टीवी का रिमोट तुम्हारे पास है, जो देखना है देख लो!
मैंने भाभी से कहा- टीवी में नहीं है… वो तो आपके पास है।
वो बोली- मेरे पास क्या है ऐसा जो तुम देखना चाहते हो?
तो मैंने उनकी चूत की तरफ इशारा करके कहा- मैं इसे देखना चाहता हूँ।
भाभी गुस्सा हो गई और मुझसे कहा- आने दो तेरे भाई को, उनको सब कुछ बता दूंगी।
और मुझे कमरे से निकाल दिया।
उसके बाद मैंने भाभी से डर के मारे कई दिनों तक बात नहीं की।
फिर कई दिनों के बाद घर पर कोई नहीं था, मुझे स्कूल जाना था और भाभी नहा रही थी।
भाभी ने मुझे तौलिया देने को कहा। मैंने जल्दी से भाभी को तौलिया दिया और ब्रेकफास्ट तैयार करने को कहा।
भाभी बोली- तू उस दिन मेरी उसको देखना चाहता था?
मैंने जल्दी से हाँ में सिर हिलाया।
भाभी ने कहा- तू ऊपर वाले कमरे में चल, मैं कपड़े पहन कर आती हूँ।
मैं ऊपर गया, पीछे पीछे भाभी आ गई और बेड पर लेट गई, भाभी बोली- मेरी सलवार खोल ले और देख ले… बस देखना ही, और कुछ मत करना।
मैंने जल्दी से सलवार खोली और फ़िर उनकी कच्छी नीचे सरका के भाभी की चूत पर हाथ फेरने लगा।
भाभी को मज़ा आने लगा।
भाभी बोली- तुमने तो देख ली… अब मैं भी तुम्हारा कुछ देखना चाहती हूँ।
मैं कुछ बोलता, उससे पहले ही भाभी ने मेरी पैंट कि चैन खोल दी और मेरा लंड कच्छे से बाहर निकाल कर हिलाने लगी।
तब तक मेरा भी खड़ा हो चुका था।
भाभी बोली- मैंने तुम्हारी विश पूरी की, अब तुम मेरी विश पूरी कर दो।
तो मैं बोला- क्या विश है आपकी? आज आप जो भी मांगेंगी, वो मैं आपको दूँगा।
भाभी बोली- मैं तुम्हारा यह लंड अपनी चूत में लेना चाहती हूँ।
तो मैंने भाभी से कहा- कोई आ जाएगा तो?
भाभी बोली- मैंने नीचे गेट की कुण्डी लगा दी है।
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फिर भाभी बोली- जल्दी कर… तुझे स्कूल भी जाना है।
मैंने अपनी पैंट नीचे की और बेड पे लेट गया। पहले भाभी ने मेरा लंड साफ किया और मुँह में लेकर चूसने लगी, मेरा लंड और लंबा और मोटा हो गया, इससे पहले मेरा लंड इतना लंबा कभी हुआ था।
फिर भाभी ने अपने मुँह से लंड निकला, अपनी सलवार उतारी और मेरे ऊपर आ गई, मेरा लंड अपनी चूत पे सेट किया और बोली- ज़ोर से धक्का लगा!
मैंने अपनी पूरी ताक़त लगाई और एक ही झटके में पूरा लंड भाभी की चूत में घुसा दिया।
भाभी के मुख से ज़ोर की चीख निकल गई।
मैं थोड़ा ऊपर हुआ और भाभी के होटों पे होंट रख कर चूसने लगा।
भाभी अपनी चूत ऊपर नीचे करके मज़े ले रही थी।
थोड़ी देर बाद भाभी बोली- मेरा होने वाला है!
और ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे होने लगी। तकरीबन 5 मिनट के बाद भाभी ज़ोर की आवाज़ ‘आई ह्ह्ह्ह्ह्ह’ निकाल के झड़ गई।
अपनी चूत से लंड निकाल कर भाभी बोली- अब तुझे भी करना है क्या? करना है तो जल्दी से ऊपर आ जा।
भाभी मेरे ऊपर से हट कर बेड पे लेट गई और मैं भाभी के ऊपर आ गया।
फिर मैंने भाभी की चूत पे अपना लंड लगाया और अंदर बाहर करने लगा। उस समय सारा कमरा ‘आहह अहहा अह सस्सस्स’ की आवाज़ में गूँज रहा था।
मैं 10 मिनट तक भाभी को चोदता रहा और भाभी भी नीचे से चूतड़ उठा उठा कर मज़े लेती रही।
तब मैंने भाभी से कहा- भाभी, मेरा होने वाला है।
तो भाभी बोली- बाहर मत निकालना, अंदर ही छोड़ दे।
मैंने भाभी को कहा- कुछ होगा तो नहीं?
तो भाभी बोली- कुछ नहीं होगा, बस जल्दी से कर ले।
इतना कहते ही मैंने भाभी की चूत अपने वीर्य से भर दी।
भाभी के चहरे पर एक अजब सी मुस्कान थी।
उसके बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और साफ किया। फिर हम दोनों ने अपने कपड़े ठीक किए।
उसके बाद भाभी बोली- तुम्हारे लंड का साइज़ बिल्कुल परफ़ेक्ट है, मैं तो इस पर फिदा हो गई हूँ। अब जब भी मैं तुम्हें बोलूँगी तो तुम मुझे चोदोगे ना?
मैंने हाँ में सिर हिलाते हुए जवाब दिया।
तब तक मेरे स्कूल का टाइम हो चुका था, भाभी ने अपने पर्स से 50 रूपए निकाल कर मुझे दे दिए और मैं स्कूल चला गया।
उस दिन के बाद भी मैंने भाभी को कई बार चोदा।
आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल ज़रूर करिएगा, आपके विचारों का मुझे इंतज़ार रहेगा।