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गोरियों के चंगुल में (Goriyon Ke Chakker mein

गोरियों के चंगुल में (Goriyon Ke Chakker mein

दोस्तो, मेरा नाम लीओन क्रूज़ है.. मैं अपने नखरों से जाना जाता हूँ.. बचपन में ही मेरे माँ-बाप गुजर गए.. लेकिन जाते-जाते अपने लाड़ले बेटे को एक पहलवान बना कर गए थे। जिसकी बदौलत मैं आज 70 हजार से एक लाख तक कमा लेता हूँ। मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूँ, हालांकि उनमें से मुझे कुछ ही पसंद आई हैं। मेरी यह दूसरी कहानी है.. जो पूरी तरह से कल्पना है.. इसमें जो भी लिखूंगा वो काल्पनिक होगी.. क्योंकि मैंने ना ही किसी लड़की से शादी करनी है और ना ही उसके साथ सेक्स करना है.. क्यों.. मैं बताता हूँ। जब मैं छोटा था.. तब से एक सीधा-साधा और वफादार था.. पर जब मेरी नौकरी मियामी फ्लोरिडा में लगी.. तब से मैं कुछ सा बदल गया.. पर मुझे आज तक सेक्स पसंद नहीं था और न ही कभी किया था। अब आप लोग सोच रहे होंगे कि मैंने आज तक एक भी चूत नहीं देखी.. तो मैं पक्का ही ‘गे’ होऊँगा। है न.. पर ऐसा नहीं है.. मैं एक हॉट सेक्सी और आकर्षक लड़का हूँ। उस दिन जब मेरी नौकरी लगी.. उसके तक़रीबन एक साल बाद मैं वहाँ के माहौल में घुल-मिल गया और वहाँ की काफी सारी गोरियाँ मुझे लाइन देने लगीं और वे मुझे पाने की कोशिश करने लगी थीं.. पर मैं कहाँ मानने वाला था, मैं बचपन से होनहार था। एक दिन एक लड़की ने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की.. उसने किया यूँ कि जब मैं अपनी कुश्ती लड़ कर आया.. तो उसने और उसके साथ काफी सारी लड़कियाँ भी थीं.. उन सबकी नजर भी मुझ पर थी.. पर मैं सीधे अपने कमरे की तरफ जा रहा था। तभी पता नहीं शायद उन लड़कियों में शर्त लगी होगी कि आज इसे कौन छेड़ सकता है। तो उसमें से एक हॉट लड़की मेरे गले से लगी और मुझसे कहने लगी- किस मी.. प्लीज.. एंड कम विद मी! पर मैंने वैसा नहीं किया.. हालांकि मैं लड़कियों पर हाथ नहीं उठाता.. इसलिए मैंने उसे धक्का दे दिया और दूर कर दिया। लेकिन हद तो तब हुई जब वो मेरे पीछे-पीछे मेरे कमरे में आ गई। इस बात से मुझे बहुत गुस्सा आ गया। आप सोच रहे होंगे कि जब एक लड़की मिल गई.. तो साला ये लड़का भाग क्यों रहा है.. पर ऐसा नहीं है.. क्योंकि कुश्ती में हमें ऐसा कुछ करने की मनाही है। कुश्ती कराने वाले आयोजक कहते हैं.. इससे हमारा स्टैमिना उतर जाएगा.. इसलिए वो इस बात की मनाही करते हैं और वैसे भी मुझे सेक्स में कोई इंटरेस्ट नहीं था.। इसलिए भी मैं उससे दूर हो गया.. पर वो मेरे और करीब आई और मुझे पकड़ कर मेरे होंठों पर किस करने लगी और मुझे इतना जोर से पकड़ लिया.. जिससे मैं अकड़ सा गया था। मेरी फाइट के वजह से मैं बहुत थका हुआ था.. तो मैंने उसे फिर से अलग करना उचित समझा। वो किसी तरह मुझे किस कर पाई और उसने हद तब की.. जब उसने मेरे लण्ड को पकड़ कर सहलाना चालू किया। मेरा दिमाग ख़राब हुआ.. मैंने उसे दूर किया और ताकत लगाकर उसे दरवाजे से बाहर किया और दरवाजा बंद कर दिया। मैं अब आराम करने लगा। फिर मुझे एक हफ्ते की छुट्टी मिली.. तो मैं इस झंझट से कुछ फ्री हुआ। लेकिन यही नहीं.. जब अगले हफ्ते मेरी दूसरी फाइट थी.. और मैं वो फाइट जीत कर वापस आ रहा था.. तब जब मैंने उन लड़कियों को फिर से देखा.. तो उनके चेहरों पर एक अजीब सी अश्लील मुस्कान थी.. जो मुझे समझ नहीं आई। मैं उन्हें अनदेखा करके अपने घर की तरफ चल दिया और मैं थका हुआ था तो थोड़ा लेट गया। तभी वो लड़कियां आईं.. पता नहीं उनके भेजे में कौन सा प्लान था.. वे लोग एक बड़ी सी रस्सी लाई थीं और उन्होंने उस रस्सी से मेरे हाथ-पैर बांध दिए। मैं थका हुआ था.. तो कुछ नहीं कर सका। वो लोग पूरी योजना बना कर ही आई थीं, उन लोगों ने मुझे रस्सी से बांध दिया और पाँचों लड़कियाँ मेरे ऊपर चढ़ गईं और खुद को और मुझे नंगा कर दिया। अब वे मुझे यहाँ-वहाँ चूम रही थीं। मैं सच बता रहा हूँ कि उन्होंने क्या-क्या किया.. दो लड़कियाँ तो मेरे होंठों को ही चूम रही थीं.. एक मेरे लण्ड को चूस रही थी और एक तो मेरी छाती पर बैठ कर पूरा मुझे निगलने की फ़िराक में थी। एक के दिमाग में तो कुछ सूझ रहा था कि क्या करूँ और फिर उसने क्या किया कि एक लड़की को हटाया और फिर कुछ पलों बाद वे दोनों मिल कर
मेरा लण्ड चूसने लगीं। मैं चूंकि थका हुआ था.. तो कुछ नहीं कर पा रहा था। दो लड़कियाँ तो मुझे सांस ही नहीं लेने दे रही थीं.. मेरे होंठों से ऐसी चिपकी थीं कि जन्मों से किसी के होंठों को चुम्बन ही न लिया हो। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं ! जो दो मेरे नीचे थीं उनमें से एक ने मेरे लण्ड को पकड़ कर अपनी चूत में घुसेड़ दिया और खुद ऊपर-नीचे होने लगी। मैं तो जैसे बस मर ही गया था। एक तो जिन्दगी में कभी चुदाई किया नहीं.. ऊपर से पांच-पांच चूतें.. बापरे.. मुझे तो समझ आ गया था कि आज मेरा स्टैमिना पूरा खत्म ही हो जाएगा। पर धीरे-धीरे मुझे अच्छा लगने लगा.. जब तक पूरे होश में आया.. तब तक दो लड़कियाँ मुझसे चुदवा चुकी थीं और बाकी तीन चुदने की राह देख रही थीं। मुझे ऐसा लगा कि मेरी थकावट थोड़ी दूर हुई और मैं फिर से अपने मूड में आ गया। अब मैंने पूरी ताकत से उस रस्सी को खींच कर तोड़ दिया और उन पांचों लड़कियों को अपने घर से उठा कर बाहर फेंक दिया.. वो भी नंगी अवस्था में फेंका था। दरवाजा बंद करके मुझे अफ़सोस हो रहा था कि मेरा शरीर अब अशुद्ध हो चुका है.. फिर मैं नहाने चला गया। मैं सोच रहा था कि अब क्या करूँ और तब से मैंने ठान लिया कि जो लड़की मुझसे प्यार करेगी.. मैं उसी को चोदूँगा.. आप सोच रहे होंगे कि पांच-पांच को छोड़ दिया.. पर यह मेरी फाइट और लाइफ का सवाल था.. इसलिए मैंने उन लड़कियों को खुद से दूर किया था। हालांकि यह भी सही है कि मेरे लण्ड को चूत का स्वाद मिल चुका था और तब से मुझे भी सेक्स में इंटरेस्ट आने लगा है। मैं ‘हार्ड सेक्स’ नहीं करता हूँ.. क्योंकि मैं उस ‘हार्ड सेक्स’ से अच्छा एक फाइट लडूं और तो 60 हजार तक कमा सकता हूँ.. पर मैं आज भी उन लड़कियों के साथ किस करता हूँ.. पर इससे अधिक कभी नहीं.. आप मुझे बताइए मैं क्या करूँ..? आपको यह सच कैसा लगा.. मुझे पता नहीं.. पर मेरी आगे की जो कहानियाँ होगीं.. वो आपको पक्का पसंद आएगीं.. क्योंकि आपको काल्पनिक कहानियाँ अच्छी लगती हैं.. मुझे पता है। यह कहानी कैसी लगी.. मुझे जरूर बताइएगा।

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